Terms and conditions
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य है — समाज में आध्यात्मिक ज्ञान बढ़ाना, व्यक्ति का समग्र विकास करना, उसका जीवन स्वस्थ, प्रसन्न और सम्मानित बनाना, और समाज में जो अच्छे गुण और प्रतिभाएँ हैं उन्हें पहचानना, प्रेरित करना और सहयोग देना।
यह प्रतियोगिता पूरी तरह निःशुल्क है और पूज्य संत श्री आशारामजी के सभी शिष्यों के लिए खुली है — चाहे वे भारत में रहते हों या किसी और देश में।
प्रतियोगिता मासिक व त्रैमासिक (अर्थात हर तीन महीने में एक बार) है। दोनों प्रतियोगिता ऑनलाइन ही होती है।
पाठ्यक्रम: ‘ऋषि प्रसाद’ (आध्यात्मिक मासिक पत्रिका)।
हर प्रतिभागी को https://rpgp.rishiprasad.org/ पर या RPGP मोबाइल ऐप में ऑनलाइन पंजीकरण करना आवश्यक है।
पंजीकरण करते समय प्रतिभागी को अपनी संपूर्ण जानकारी जैसे - नाम, पता और मोबाइल नंबर आदि पूरा एवं सही देना होगा।
प्रतियोगिता चार आयु वर्गों में अलग-अलग होती है: (क) 12 वर्ष तक, (ख) 13 से 17 वर्ष, (ग) 18 से 30 वर्ष, (घ) 30 वर्ष से ऊपर। हर आयु वर्ग का प्रश्नपत्र और परीक्षा का समय अलग होता है।
हर आयु वर्ग के शीर्ष तीन प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार दिए जाते हैं। पुरस्कार की राशि और प्रकार तय करने का अधिकार संत श्री आशारामजी आश्रम, अहमदाबाद के पास सुरक्षित है।
पुरस्कार विजेताओं का चयन आश्रम करता है। सभी विषयों में आश्रम का निर्णय अंतिम होगा और सब प्रतिभागियों पर लागू होगा; इस विषय में कोई अपील या तर्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुरस्कार किसी और को हस्तांतरित नहीं किए जा सकते और उनके बदले कुछ और नहीं दिया जाता। पुरस्कार देना आश्रम के विवेक पर है। परीक्षा में किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, अनुचित गतिविधि या नक़ल पाए जाने पर उस प्रतिभागी का पंजीकरण रद्द कर दिया जाता है, और फिर उसे कोई पुरस्कार नहीं दिया जा सकता।
त्रैमासिक प्रतियोगिता के विजेताओं को ही पुरस्कार दिया जाएगा।
पुरस्कार पाने के लिए, विजेताओं को सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र या जन्म तिथि वाली मार्कशीट जमा करनी होगी।
एक प्रतिभागी वर्ष भर की चारों त्रैमासिक प्रतियोगिताओं में भाग ले सकता है। किंतु शीर्ष तीन रैंक के लिए उस पर एक चालू वर्ष (पिछली चार तिमाही, अर्थात बारह महीने) में अधिक से अधिक दो बार ही विचार किया जाएगा — सभी आयु वर्गों को मिलाकर।
संत श्री आशारामजी बापू आश्रम, अहमदाबाद सभी अधिकार सुरक्षित रखता है। आवश्यकता होने पर ये नियम और शर्तें बदली जा सकती हैं।
किसी भी विवाद का क्षेत्राधिकार केवल अहमदाबाद होगा, और उसका निर्णय सक्षम न्यायालय करेगा।
मैं संत श्री आशारामजी बापू, उनके आश्रमों, उनके किसी साधक, अथवा संत श्री आशारामजी आश्रम से जुड़े किसी भी विभाग के विरुद्ध किसी भी कारण से, किसी भी थाने या न्यायालय में, कोई प्राथमिकी, मुक़दमा या विवाद दर्ज नहीं करूँगा और न ही कोई कार्रवाई करूँगा।
मैं ऋषि प्रसाद ज्ञान प्रतियोगिता में अपनी इच्छा और स्वतंत्र सहमति से भाग ले रहा हूँ।
मैंने ऊपर लिखी सभी शर्तें पढ़ ली हैं और उन्हें स्वीकार करता हूँ।
मैं प्रतियोगिता के सभी नियमों का पालन करूँगा और सामान्य नैतिक आचरण बनाए रखूँगा।